नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है और क्षेत्रीय सुरक्षा हालात अब बेहद गंभीर हैं। अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी टकराव ने पूरी खाड़ी और आसपास के देशों को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। इस बीच, हिजबुल्लाह ने इजरायल पर ड्रोन हमले किए हैं, जबकि इराक में यूएई के दूतावास पर भी हमला हुआ।
हिजबुल्लाह का हमला और इजरायल की जवाबी कार्रवाई
ईरान-इजरायल संघर्ष के बीच हिजबुल्लाह ने इजरायल में कई धमाके किए। हिजबुल्लाह की ओर से किए गए ड्रोन और मिसाइल हमलों के बाद इजरायली सेना ने लेबनान में हिजबुल्लाह के ठिकानों पर हवाई हमले किए। इजरायली सेना के अनुसार, हिजबुल्लाह के इन ठिकानों से पहले भी इजरायल की ओर ड्रोन लॉन्च किए गए थे और वहां अतिरिक्त ड्रोन भंडारित थे।
यूएई और इराक में हमले
ईरान की ओर से यूएई में भी मिसाइल और ड्रोन हमले किए गए हैं। इराक में UAE के दूतावास पर हमला दर्ज किया गया है। इस बीच, UAE के पहले राजदूत हुसैन हसन मिर्जा अलसयेघ ने भारत में कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के एक फोन कॉल से तनाव को कम किया जा सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि UAE ईरान-इजरायल संघर्ष में सीधे शामिल नहीं होगा और दोनों पक्षों के साथ संबंध बनाए रखेगा।
इजरायल ने ईरान के ठिकानों पर किया हमला
इजरायली सेना ने कहा कि उसकी वायुसेना ने इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर से जुड़े ड्रोन मुख्यालय और कई ड्रोन भंडारण सुविधाओं को निशाना बनाया। इसमें वायु रक्षा प्रणालियां भी शामिल थीं। इजरायल के अनुसार, यह हमला उनके रक्षा नेटवर्क को सुरक्षित रखने के लिए किया गया और भविष्य में होने वाले ड्रोन हमलों को रोकने की रणनीति का हिस्सा है।
अमेरिका की प्रतिक्रिया
अमेरिकी राष्ट्रपति ने भी हालात पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “हमने कई मायनों में जीत हासिल कर ली है, लेकिन अभी पर्याप्त जीत नहीं मिली। हम पहले से कहीं अधिक दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ रहे हैं ताकि इस लंबे समय से चले आ रहे खतरे को हमेशा के लिए समाप्त किया जा सके।”
